Overview
अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास महामंडळ महाराष्ट्र शासन के नियोजन (Planning) विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य महामंडळ है। यह आर्थिक रूप से पिछड़े खुले प्रवर्ग — मुख्यतः मराठा समाज तथा ऐसे समुदाय जिनके लिए अलग महामंडळ नहीं है — के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता हेतु बैंक ऋण दिलाता है। महामंडळ स्वयं ऋण नहीं देता, बल्कि लाभार्थी द्वारा बैंक का ऋण समय पर चुकाने पर ब्याज की राशि सीधे आधार-लिंक्ड खाते में लौटाता (व्याज परतावा) है, जिससे ऋण प्रभावी रूप से ब्याजमुक्त हो जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी हो।
- आर्थिक रूप से पिछड़े खुले प्रवर्ग का हो, जिसके लिए कोई अलग वित्त महामंडळ उपलब्ध नहीं है।
- परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक न हो।
- पुरुष लाभार्थी की आयु सामान्यतः 50 वर्ष तथा महिला की 55 वर्ष तक।
- एक परिवार से एक ही लाभार्थी; पूर्व सरकारी ऋण में चूककर्ता न हो।
Documents required
How to apply
- 1आधिकारिक पोर्टल udyog.mahaswayam.gov.in पर आधार से पंजीकरण करें (या 'अण्णासाहेब पाटील महामंडळ' मोबाइल ऐप से)।
- 2पात्रता जाँच कर व्यक्तिगत व व्यवसाय की जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
- 3महामंडळ सत्यापन के बाद आशय पत्र (Letter of Intent - LOI) जारी करता है।
- 4LOI के आधार पर बैंक से ऋण स्वीकृत/वितरित कराएँ और ऋण दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें।
- 5EMI समय पर चुकाएँ; महामंडळ ब्याज की राशि आधार-लिंक्ड खाते में लौटाता है।
Frequently asked questions
क्या अण्णासाहेब पाटील योजना का ऋण सचमुच ब्याजमुक्त है?
महामंडळ स्वयं ऋण नहीं देता; आप बैंक से ऋण लेते हैं और समय पर किस्तें चुकाने पर सरकार ब्याज की राशि (अधिकतम 12%, वैयक्तिक योजना में ₹3 लाख तक) आपके आधार-लिंक्ड खाते में लौटा देती है, जिससे ऋण प्रभावी रूप से ब्याजमुक्त हो जाता है।
इस योजना के लिए अधिकतम वार्षिक आय कितनी होनी चाहिए?
परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.