Overview
मुख्यमंत्री एटी कोली दुटी पात योजना असम सरकार द्वारा असम चाय के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य चाय उद्योग की वृद्धि में चाय-बागान श्रमिकों के ऐतिहासिक योगदान को मान्यता देना है। इसके तहत राज्य के लगभग 6 से 7.5 लाख स्थायी एवं अस्थायी चाय-बागान श्रमिकों को ₹5,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता आधार-लिंक्ड बैंक खातों में DBT के माध्यम से दी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक असम के किसी मान्यता प्राप्त चाय बागान में कार्यरत श्रमिक हो।
- स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार के श्रमिक पात्र हैं।
- आधार-लिंक्ड बैंक खाता आवश्यक है।
Who is not eligible
- चाय-बागान से बाहर के/गैर-चाय-बागान श्रमिक।
Documents required
How to apply
- 1चाय जनजाति कल्याण निदेशालय अथवा बागान प्रबंधन के माध्यम से श्रमिक के रूप में पंजीकरण कराएं।
- 2आधार एवं बैंक खाता विवरण सत्यापित कराएं।
- 3पात्रता की पुष्टि होने पर ₹5,000 की सहायता DBT से बैंक खाते में भेजी जाती है।
Frequently asked questions
एटी कोली दुटी पात योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
प्रत्येक पात्र चाय-बागान श्रमिक को ₹5,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता DBT के माध्यम से दी जाती है।
क्या अस्थायी चाय-बागान श्रमिक भी पात्र हैं?
हां, असम के मान्यता प्राप्त चाय बागानों में कार्यरत स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार के श्रमिक इस योजना के पात्र हैं।
यह योजना क्यों शुरू की गई?
यह योजना असम चाय के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चाय-बागान श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए शुरू की गई है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.