Overview
मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) असम की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को उद्यमी बनाकर 'लखपति बाइदेउ' अर्थात प्रति वर्ष कम से कम ₹1 लाख कमाने वाली महिला बनाना है। इसमें महिलाओं को चरणबद्ध रूप से पूँजी दी जाती है ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू व विस्तारित कर सकें। इसे असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) द्वारा लागू किया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक असम के ग्रामीण क्षेत्र की SHG महिला सदस्य हो
- निर्धारित परिवार-आकार संबंधी शर्त पूरी करती हो
- बच्चों (विशेषकर बालिकाओं) का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करने का संकल्प
- वृक्षारोपण जैसे निर्धारित सामाजिक संकल्पों का पालन
Who is not eligible
- SHG से न जुड़ी (गैर-SHG) महिलाएँ
- योजना की निर्धारित शर्तें पूरी न करने वाले परिवार
Documents required
How to apply
- 1अपने ग्राम संगठन या ASRLM के माध्यम से SHG सदस्य के रूप में पंजीकरण कराएँ
- 2MMUA पोर्टल पर आवश्यक विवरण व दस्तावेज़ के साथ आवेदन दर्ज करें
- 3पात्रता व शर्तों के सत्यापन के बाद पहले वर्ष की सीड कैपिटल DBT के माध्यम से मिलती है
- 4अगले चरणों की राशि निर्धारित प्रगति व शर्तों के अनुसार दी जाती है
Frequently asked questions
MMUA में महिलाओं को कितनी पूँजी मिलती है?
पहले वर्ष ₹10,000 सीड कैपिटल, दूसरे वर्ष ₹25,000 (जिसमें 50% सरकारी सब्सिडी) और तीसरे वर्ष ₹50,000 तक की चरणबद्ध सहायता दी जाती है।
'लखपति बाइदेउ' का क्या अर्थ है?
यह योजना का लक्ष्य है — प्रत्येक लाभार्थी महिला को उद्यमी बनाकर प्रति वर्ष कम से कम ₹1 लाख की आय अर्जित करने योग्य बनाना।
इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
असम के ग्रामीण क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्य, जो निर्धारित शर्तें पूरी करती हैं, इसका लाभ ले सकती हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.