Overview
मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा उन बच्चों के लिए शुरू की गई जिन्होंने कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता अथवा कमाने वाले अभिभावक को खो दिया। इसके तहत 18 वर्ष से कम आयु के पात्र बच्चे को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है तथा उनकी देखभाल एवं आवास की व्यवस्था की जाती है। अनाथ बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है, ताकि उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Who it's for
Eligibility
- बच्चा बिहार का निवासी हो
- बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम हो
- बच्चे ने कोविड-19 महामारी में माता-पिता अथवा कमाने वाले अभिभावक को खोया हो
- बच्चा अनाथ अथवा निराश्रित हो गया हो
Who is not eligible
- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति
- ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के अतिरिक्त किसी अन्य कारण से हुई हो (इस योजना के अंतर्गत)
Documents required
How to apply
- 1नजदीकी बाल विकास परियोजना कार्यालय (ICDS) / जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें
- 2आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें
- 3सत्यापन के बाद मासिक सहायता राशि DBT द्वारा भेजी जाती है तथा आवश्यकतानुसार आवासीय/शैक्षिक व्यवस्था की जाती है
Frequently asked questions
इस योजना में बच्चों को क्या लाभ मिलता है?
पात्र बच्चे को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता तथा देखभाल/आवासीय सुविधा दी जाती है; अनाथ बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश मिलता है।
कौन से बच्चे इस योजना के पात्र हैं?
बिहार के 18 वर्ष से कम आयु के वे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता अथवा कमाने वाले अभिभावक को खो दिया है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.