Overview
मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना (पूर्व में इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना) राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग (समेकित बाल विकास सेवाएँ–ICDS) द्वारा संचालित एक सशर्त मातृत्व सहयोग योजना है। इसका उद्देश्य दूसरी संतान से गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों में पोषण की स्थिति सुधारना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा शिशु टीकाकरण सुनिश्चित करना है। योजना की शर्तें पूरी करने पर पात्र महिला को कुल ₹6,000 की नकद सहायता शर्तों के अनुसार किश्तों में सीधे उसके बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) दी जाती है। योजना 19 नवंबर 2020 को राज्य के पाँच जनजातीय जिलों से शुरू हुई और द्वितीय चरण (2022-23) में इसका दायरा बढ़ाया गया।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान की निवासी विवाहित महिला हो (प्रथम चरण: प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर व बारां — पाँच जनजातीय जिले; द्वितीय चरण में दायरा बढ़ाकर राज्य के सभी जिलों में लागू करने की घोषणा)
- महिला 1 नवंबर 2020 (अथवा द्वितीय चरण में 1 अप्रैल 2022) या उसके बाद दूसरी संतान से गर्भवती हुई हो, अथवा इसी अवधि के बाद दूसरी संतान हेतु प्रथम प्रसव-पूर्व जाँच (ANC) के रूप में पंजीकृत हुई हो
- लाभार्थी की दो से अधिक जीवित संतान न हों
- प्रसव किसी राजकीय स्वास्थ्य संस्थान या सूचीबद्ध (empanelled) निजी संस्थान में होना अनिवार्य
- गर्भावस्था का पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्र/PCTS में अंतिम माहवारी तिथि (LMP) से 120 दिनों के भीतर कराना
- गर्भपात अथवा मृत शिशु जन्म (Still Birth) की स्थिति में महिला भविष्य में गर्भधारण करने पर पात्र रहेगी
Who is not eligible
- केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम में नियमित रूप से नियोजित महिला
- जो किसी अन्य प्रचलित योजना के अंतर्गत समान प्रकार का लाभ प्राप्त कर रही हो
- प्रथम गर्भावस्था में जुड़वाँ संतान होने पर दूसरी बार गर्भधारण करने वाली महिला
- पुनर्विवाह की स्थिति में, नव-दंपति (दोनों में से किसी की भी) पूर्व में एक से अधिक संतान होने पर
- समान शर्तों वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) तथा इस योजना — दोनों की किश्तें एक साथ लेने हेतु अपात्र
Documents required
How to apply
- 1यह पूर्णतः पेपरलेस योजना है — किश्तों के लिए लाभार्थी को अलग से कोई फॉर्म जमा नहीं करना होता।
- 2नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर दूसरी गर्भावस्था का पंजीकरण कराएँ (अंतिम माहवारी तिथि से 120 दिनों के भीतर)।
- 3पंजीकरण के समय अपना जन आधार/भामाशाह आईडी व मोबाइल नंबर दें, ताकि विवरण PCTS (प्रेग्नेंसी एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) में दर्ज हो सके।
- 4जन आधार न होने पर ई-मित्र/पोर्टल के माध्यम से बनवाएँ; आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मार्गदर्शन करेंगी।
- 5गर्भावस्था जाँच (ANC), संस्थागत प्रसव और शिशु टीकाकरण का विवरण समय पर PCTS में दर्ज कराएँ।
- 6शर्तें पूरी होने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में DBT द्वारा स्वतः स्थानांतरित हो जाती है।
Frequently asked questions
इस योजना का लाभ किसे मिलता है?
राजस्थान की वे विवाहित महिलाएँ जो दूसरी संतान से गर्भवती हैं और योजना की शर्तें (पंजीकरण, प्रसव-पूर्व जाँच, संस्थागत प्रसव, शिशु टीकाकरण) पूरी करती हैं।
कुल कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
कुल ₹6,000 की सशर्त नकद सहायता, शर्तें पूरी होने पर किश्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में दी जाती है।
क्या पहली संतान पर भी लाभ मिलता है?
नहीं, यह योजना केवल दूसरी (जीवित) संतान के लिए ही मान्य है।
आवेदन कहाँ और कैसे करें?
नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर गर्भावस्था का पंजीकरण कराएँ; यह पेपरलेस योजना है, अलग से कोई फॉर्म जमा नहीं करना होता।
क्या योजना का नाम बदला गया है?
हाँ, 'इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना' का नाम बदलकर अब 'मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना' कर दिया गया है; पूर्व में जारी सभी प्रावधान यथावत लागू हैं।
प्रसव कहाँ होना आवश्यक है?
लाभ के लिए प्रसव किसी राजकीय स्वास्थ्य संस्थान या सूचीबद्ध निजी संस्थान (संस्थागत प्रसव) में होना अनिवार्य है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.