Overview
मां-बाड़ी / मां-बाड़ी डे-केयर सेंटर योजना राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) द्वारा वर्ष 2007–08 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य दूरस्थ जनजाति क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति, कथौड़ी एवं सहरिया समुदाय के स्कूल से बाहर रहे 6 से 12 वर्ष के बच्चों को बुनियादी प्रारंभिक शिक्षा, पोषण तथा स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूकता प्रदान करना है। इन सामुदायिक केंद्रों पर कक्षा 1 से 4 तक की नि:शुल्क शिक्षा, नाश्ता व पौष्टिक भोजन, यूनिफॉर्म और शिक्षण सामग्री दी जाती है। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 30 बच्चे (बालिकाओं को प्राथमिकता) नामांकित किए जाते हैं। केंद्र स्थानीय ग्राम विकास समितियों के माध्यम से समुदाय की भागीदारी से संचालित होते हैं तथा इनमें स्थानीय शिक्षित जनजाति युवाओं व महिलाओं को नियोजित किया जाता है; भोजन तैयारी में नामांकित बच्चों की माताएं बारी-बारी से मानदेय पर सहयोग करती हैं।
Who it's for
Eligibility
- बच्चे की आयु 6 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- बच्चा अनुसूचित जनजाति, कथौड़ी अथवा सहरिया समुदाय का हो।
- बच्चा राजस्थान के जनजाति/अनुसूचित क्षेत्रों (मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान — उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, राजसमंद — एवं सहरिया बहुल क्षेत्र) का निवासी हो।
- बच्चा वर्तमान में किसी औपचारिक विद्यालय में नामांकित न हो।
- बच्चा ऐसे क्षेत्र में रहता हो जहाँ निकटतम विद्यालय कम से कम 1.5–2 किमी दूर हो।
Who is not eligible
- 6 वर्ष से कम अथवा 12 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे।
- किसी औपचारिक विद्यालय में पहले से नामांकित बच्चे।
- अनुसूचित जनजाति/कथौड़ी/सहरिया समुदाय से बाहर के बच्चे।
Documents required
How to apply
- 1कार्यालय समय में निकटतम मां-बाड़ी केंद्र पर जाकर निर्धारित प्रारूप का आवेदन पत्र संबंधित कर्मचारी से प्राप्त करें।
- 2आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य विवरण भरें और सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां (आवश्यकतानुसार स्वप्रमाणित) संलग्न करें।
- 3भरा हुआ व हस्ताक्षरित आवेदन पत्र दस्तावेजों सहित मां-बाड़ी केंद्र पर जमा करें।
Frequently asked questions
मां-बाड़ी केंद्र पर बच्चों को क्या मिलता है?
कक्षा 1 से 4 तक की नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा, नाश्ता व पौष्टिक मध्याह्न भोजन, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, टाई-बेल्ट तथा शिक्षण एवं खेल सामग्री नि:शुल्क दी जाती है।
कौन से बच्चे पात्र हैं?
6 से 12 वर्ष के अनुसूचित जनजाति, कथौड़ी या सहरिया समुदाय के वे बच्चे जो किसी औपचारिक विद्यालय में नामांकित नहीं हैं और जहाँ निकटतम विद्यालय 1.5–2 किमी दूर है, ऐसे जनजाति क्षेत्रों में रहते हैं।
मां-बाड़ी और डे-केयर सेंटर में क्या अंतर है?
डे-केयर सेंटर पूरे दिन (प्रातः 9 से सायं 5 बजे) चलता है, जहाँ 2 शिक्षा सहयोगी व 3 सहायक होते हैं और दिन में दो बार भोजन मिलता है; जबकि मां-बाड़ी केंद्र विद्यालय कैलेंडर के अनुसार चलता है, जहाँ 1 शिक्षा सहयोगी व 2 सहायक होते हैं और नाश्ता व एक मध्याह्न भोजन दिया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.