Overview
महिला स्वयंसिद्धा योजना राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसके अंतर्गत विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं को संभाग स्तर पर निर्मित नारी निकेतन भवनों में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क आवास, भोजन एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण की अवधि कम से कम 3 माह एवं अधिकतम 1 वर्ष होती है, जिसके पश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने अथवा स्वरोजगार हेतु बैंक से ऋण दिलाने में सहायता की जाती है। एक केंद्र में 50 महिलाओं को प्रवेश दिया जा सकता है तथा प्रवेश प्रवेश सलाहकार समिति के माध्यम से होता है। योजना का संचालन करने वाली स्वयंसेवी संस्था को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर अनुदान प्रदान किया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- प्रवेश हेतु महिला का विधवा, परित्यक्ता, निराश्रित अथवा उपर्युक्त संकटग्रस्त श्रेणियों में से किसी एक में होना आवश्यक
- आवेदक स्वयंसेवी संस्था/ट्रस्ट/NGO का आवेदन से पूर्व कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीकृत एवं संचालित होना आवश्यक
- संस्था व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं चलाई जानी चाहिए (गैर-लाभकारी हो)
- संस्था के लक्ष्य एवं उद्देश्यों में महिला कल्याण शामिल होना चाहिए
- संस्था का विधिवत गठित प्रशासनिक/प्रबंधन/कार्यकारी समिति होना आवश्यक
- संस्था को राज्य/केंद्र सरकार के किसी कार्यालय/विभाग द्वारा पूर्व में दण्डित अथवा काली सूची में सम्मिलित नहीं किया गया हो
- एक केंद्र में अधिकतम 50 महिलाओं को प्रवेश; केंद्र संचालन हेतु न्यूनतम 25 महिलाओं का प्रवेश अनिवार्य
Who is not eligible
- ऐसी मानसिक रोगी महिलाएं जिन्हें मानसिक चिकित्सालय में विशेष वातावरण में देखभाल की आवश्यकता हो
- पूर्व में दण्डित अथवा काली सूची में सम्मिलित स्वयंसेवी संस्थाएं अनुदान हेतु पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1इच्छुक स्वयंसेवी संस्था निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र संबंधित जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करे।
- 2जिला कलक्टर कार्यालय आवेदन की जांच कर निरीक्षण रिपोर्ट सहित अभिशंषा करता है।
- 3सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आवेदन का मूल्यांकन किया जाता है।
- 4पात्र संस्थाओं को स्वीकृति एवं अनुदान प्रदान किया जाता है।
- 5पात्र महिलाओं का प्रवेश प्रवेश सलाहकार समिति के माध्यम से किया जाता है।
Frequently asked questions
इस योजना के अंतर्गत कौन आवेदन कर सकता है?
महिला कल्याण के क्षेत्र में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव रखने वाली पंजीकृत स्वयंसेवी संस्था/ट्रस्ट/NGO केंद्र संचालन हेतु आवेदन कर सकती है।
महिलाओं को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है?
महिलाओं की योग्यता एवं रुचि के आधार पर विभिन्न ट्रेडों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसकी अवधि कम से कम 3 माह एवं अधिकतम 1 वर्ष होती है।
क्या प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क लिया जाता है?
नहीं, प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है तथा प्रवेशित महिलाओं को आवास, भोजन एवं गणवेष भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद क्या होता है?
प्रशिक्षण पूर्ण होने पर महिलाओं को रोजगार दिलाने अथवा स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु बैंक से ऋण दिलाने में सहायता की जाती है।
एक केंद्र में कितनी महिलाओं को प्रवेश मिलता है?
एक महिला स्वयंसिद्धा केंद्र में 50 महिलाओं को प्रवेश दिया जा सकता है तथा केंद्र संचालन हेतु न्यूनतम 25 महिलाओं का प्रवेश अनिवार्य है।
स्वयंसेवी संस्था को अनुदान कैसे प्रदान किया जाता है?
प्रवेश सलाहकार समिति की समीक्षा एवं सिफारिश के उपरांत प्रत्येक तिमाही अनुदान प्रदान किया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.