Overview
महिला समृद्धि योजना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी), अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की योजना है, जिसे राजस्थान में राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम (आरएमएफडीसीसी) राज्य चैनलाइजिंग एजेंसी के रूप में लागू करता है। यह योजना अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं हेतु सूक्ष्म ऋण को प्रशिक्षण से जोड़ती है। लगभग 20 महिलाओं के समूह को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसी महिला-अनुकूल हस्तकला/व्यावसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के रूप में संगठित किया जाता है। प्रशिक्षण उपरांत समूह की प्रत्येक सदस्य को आय-सृजन गतिविधि प्रारंभ करने हेतु सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
Who it's for
Eligibility
- आवेदिका राजस्थान की मूल निवासी तथा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी या जैन) से होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹6 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- महिलाओं का लगभग 10 से 20 सदस्यों वाला स्वयं सहायता समूह गठित होना चाहिए।
- आवेदिका की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- प्रशिक्षण उपरांत ही समूह की सदस्यों को सूक्ष्म ऋण देय होगा।
Who is not eligible
- गैर-अल्पसंख्यक समुदाय की अथवा राजस्थान की मूल निवासी न होने वाली आवेदिकाएँ।
- जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹6 लाख से अधिक है।
- पुरुष आवेदक (यह योजना केवल महिलाओं हेतु है)।
Documents required
How to apply
- 1अल्पसंख्यक महिलाओं का स्वयं सहायता समूह गठित कर राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम (आरएमएफडीसीसी) के कार्यालय से संपर्क करें।
- 2निगम द्वारा निर्धारित ट्रेड में समूह हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए आवेदन करें।
- 3निर्धारित आवेदन प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- 4प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत समूह की प्रत्येक सदस्य हेतु सूक्ष्म ऋण के लिए आवेदन करें।
- 5ऋण स्वीकृति के पश्चात आय-सृजन गतिविधि प्रारंभ करें तथा निर्धारित किस्तों में ऋण का पुनर्भुगतान करें।
Frequently asked questions
महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत कितना ऋण मिलता है?
प्रशिक्षण उपरांत स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक महिला सदस्य को आय-सृजन गतिविधि हेतु अधिकतम ₹1,00,000 तक का सूक्ष्म ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
क्या ऋण से पहले प्रशिक्षण आवश्यक है?
हाँ, इस योजना में सूक्ष्म ऋण को प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। लगभग 20 महिलाओं के समूह को महिला-अनुकूल व्यवसाय का प्रशिक्षण दिया जाता है, तत्पश्चात समूह की सदस्यों को सूक्ष्म ऋण दिया जाता है।
इस योजना के लिए आय की पात्रता क्या है?
आवेदिका के परिवार की वार्षिक आय ₹6 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा वह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय की महिला होनी चाहिए।
राजस्थान में यह योजना कौन संचालित करता है?
यह एनएमडीएफसी, भारत सरकार की योजना है, जिसे राजस्थान में राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम (आरएमएफडीसीसी) राज्य चैनलाइजिंग एजेंसी के रूप में संचालित करता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.