Overview
मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना राजस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा मिड-डे मील (पीएम पोषण) के अंतर्गत संचालित एक पोषण योजना है, जिसकी घोषणा बजट 2022-23 में की गई थी। इसका उद्देश्य राजकीय विद्यालयों, मदरसों एवं विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक दूध उपलब्ध कराकर उनके पोषण स्तर में सुधार करना, नामांकन व उपस्थिति बढ़ाना और ड्रॉपआउट रोकना है। योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 69 लाख बच्चों को सप्ताह में दो दिन — मंगलवार एवं शुक्रवार — पाउडर से तैयार दूध दिया जाता है। दूध हेतु पाउडर मिल्क राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) से खरीदा जाता है तथा मिड-डे मील आयुक्तालय द्वारा ज़िलेवार वितरित किया जाता है। सितंबर 2024 में वर्तमान सरकार द्वारा इस योजना का नाम बदलकर 'पन्नाधाय बाल गोपाल योजना' कर दिया गया, किंतु लाभ यथावत जारी है।
Who it's for
Eligibility
- विद्यार्थी राजस्थान के राजकीय विद्यालय / मिड-डे मील से सम्बद्ध मदरसे अथवा विशेष प्रशिक्षण केंद्र में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत हो।
- विद्यालय में नियमित नामांकित एवं उपस्थित होना आवश्यक है।
- लाभ हेतु बच्चे या परिवार से किसी आय/श्रेणी की शर्त नहीं — सभी सम्बद्ध विद्यालयों के पात्र बच्चों को दूध दिया जाता है।
Who is not eligible
- निजी (गैर-सरकारी एवं मिड-डे मील से असम्बद्ध) विद्यालयों के विद्यार्थी।
- कक्षा 8 से ऊपर (कक्षा 9 एवं उससे आगे) के विद्यार्थी।
Documents required
How to apply
- 1बच्चे/अभिभावक को कोई पृथक आवेदन नहीं करना होता है।
- 2राजकीय विद्यालय/मदरसे/विशेष प्रशिक्षण केंद्र में नामांकित होने पर बच्चे को स्वतः लाभ मिलता है।
- 3विद्यालय स्तर पर निर्धारित दिनों (मंगलवार व शुक्रवार) को पाउडर से दूध तैयार कर बच्चों को वितरित किया जाता है।
- 4दूध वितरण का रिकॉर्ड विद्यालय द्वारा दुग्ध वितरण पंजिका/शाला दर्पण में दर्ज किया जाता है।
Frequently asked questions
बच्चों को दूध सप्ताह में कितने दिन मिलता है?
राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन — मंगलवार एवं शुक्रवार — पाउडर से बना दूध दिया जाता है; अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस को दिया जाता है।
किस कक्षा के बच्चे को कितना दूध मिलता है?
कक्षा 1 से 5 के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर से बना लगभग 150 मिली दूध तथा कक्षा 6 से 8 के बच्चों को 20 ग्राम पाउडर से बना लगभग 200 मिली दूध दिया जाता है।
दूध किस स्रोत से उपलब्ध कराया जाता है?
पाउडर मिल्क राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) से खरीदा जाता है और मिड-डे मील आयुक्तालय द्वारा ज़िलेवार आवंटित कर विद्यालयों तक पहुँचाया जाता है।
क्या योजना का नाम बदल गया है?
हाँ, सितंबर 2024 में इस योजना का नाम बदलकर 'पन्नाधाय बाल गोपाल योजना' कर दिया गया, परंतु बच्चों को दूध देने का लाभ पूर्ववत जारी है।
लाभ लेने के लिए आवेदन करना होता है क्या?
नहीं, किसी पृथक आवेदन की आवश्यकता नहीं है। राजकीय विद्यालय/सम्बद्ध मदरसे में नामांकित कक्षा 1 से 8 के बच्चों को यह दूध स्वतः निःशुल्क मिलता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.