Overview
द्वितीय विश्व युद्ध पेंशन राजस्थान के सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित एक राज्य कल्याण योजना है। इसके अंतर्गत द्वितीय विश्व युद्ध (1 सितंबर 1939 से 15 अगस्त 1945) में भाग लेने वाले राजस्थान के भूतपूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को आजीवन मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जिन्हें किसी अन्य स्रोत से पेंशन या वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हो रही हो। अगस्त 2024 से यह पेंशन ₹15,000 प्रति माह कर दी गई है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में मासिक रूप से जमा की जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक ने द्वितीय विश्व युद्ध (1 सितंबर 1939 से 15 अगस्त 1945) के दौरान सेवा दी हो, अथवा वह ऐसे भूतपूर्व सैनिक की विधवा हो।
- आवेदक को किसी अन्य स्रोत से पेंशन अथवा समान वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं होनी चाहिए।
Who is not eligible
- जिन्हें किसी अन्य स्रोत से पेंशन या समान वित्तीय सहायता पहले से प्राप्त हो रही है, वे पात्र नहीं हैं।
- लाभार्थी की मृत्यु पर पेंशन समाप्त हो जाती है।
Documents required
How to apply
- 1सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट से अथवा नजदीकी जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से निःशुल्क आवेदन प्रपत्र प्राप्त करें।
- 2आवेदन प्रपत्र को ऑफलाइन भरें तथा आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
- 3भरा हुआ आवेदन प्रपत्र जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करें।
- 4सत्यापन के बाद स्वीकृत पेंशन राशि बैंक खाते में मासिक रूप से जमा की जाती है।
Frequently asked questions
द्वितीय विश्व युद्ध पेंशन में कितनी राशि मिलती है?
अगस्त 2024 से पात्र लाभार्थी को ₹15,000 प्रति माह की दर से आजीवन पेंशन दी जाती है।
इस पेंशन के लिए कौन पात्र है?
द्वितीय विश्व युद्ध में सेवा देने वाले राजस्थान के भूतपूर्व सैनिक तथा उनकी विधवाएं, जिन्हें किसी अन्य स्रोत से पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है, पात्र हैं।
आवेदन कैसे करें?
सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट या जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से निःशुल्क प्रपत्र प्राप्त कर, भरकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करना होता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.