Overview
आत्मनिर्भर बागवानी योजना अरुणाचल प्रदेश सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो 3 सितंबर 2021 को आरंभ हुई। इसके अंतर्गत किसान, SHG व FPO सेब, कीवी, संतरा, अखरोट, सुपारी व परसीमन जैसी बागवानी फसलें लगाने और उद्यान-यंत्र खरीदने हेतु सहायता प्राप्त कर सकते हैं। परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी, 45% बैंक ऋण व 10% लाभार्थी अंशदान होता है; ऋण चुकौती फसल के अनुसार 12 माह से 4 वर्ष तक निर्धारित है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक अरुणाचल प्रदेश का स्थायी निवासी किसान हो।
- बागवानी फसल लगाने हेतु आवेदक के पास उपयुक्त एवं वैध भूमि-अधिकार हो।
- प्रस्तावित फसल सेब, कीवी, संतरा, अखरोट, सुपारी या परसीमन जैसी अनुमोदित बागवानी फसल हो।
- आवेदक फसल-अनुसार 12 माह से 4 वर्ष की अवधि में बैंक ऋण चुकाने को सहमत हो।
- SHG व FPO वैध रूप से पंजीकृत हों।
Who is not eligible
- अन्य राज्यों के निवासी।
- जिनके पास बागवानी हेतु उपयुक्त भूमि या वैध दस्तावेज़ न हो।
- जो उसी बागवानी घटक हेतु किसी अन्य सरकारी सब्सिडी का लाभ ले चुके हों।
Documents required
How to apply
- 1बागवानी विभाग/आत्मनिर्भर योजना पोर्टल पर पंजीकरण कर खाता बनाएँ।
- 2प्रस्तावित बागवानी फसल, भूमि व बैंक विवरण के साथ परियोजना लागत दर्ज करें।
- 3आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
- 4जिला बागवानी कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद ऋण व सब्सिडी स्वीकृत होती है।
Frequently asked questions
आत्मनिर्भर बागवानी योजना में कौन-सी फसलें शामिल हैं?
सेब, कीवी, संतरा, अखरोट, सुपारी और परसीमन जैसी बागवानी फसलें इस योजना के अंतर्गत आती हैं।
बागवानी ऋण की चुकौती अवधि कितनी है?
फसल के प्रकार के अनुसार बैंक ऋण की चुकौती अवधि 12 माह से 4 वर्ष तक होती है।
इस योजना में सब्सिडी और ऋण का अनुपात क्या है?
परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी, 45% बैंक ऋण और 10% लाभार्थी अंशदान होता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.