Overview
आत्मनिर्भर मत्स्य पालन योजना अरुणाचल प्रदेश सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो 3 सितंबर 2021 को शुरू हुई। इसका उद्देश्य मछली-तालाब निर्माण, मछली बीज-पालन (सीड रियरिंग) व जलकृषि (एक्वाकल्चर) को बढ़ावा देकर मत्स्य-किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। तालाब निर्माण/परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी, 45% बैंक ऋण और 10% लाभार्थी अंशदान होता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक अरुणाचल प्रदेश का स्थायी निवासी मत्स्य-किसान हो।
- मछली-तालाब या जलकृषि हेतु उपयुक्त एवं वैध भूमि/जल-स्रोत उपलब्ध हो।
- प्रस्तावित गतिविधि तालाब निर्माण, बीज-पालन या जलकृषि से संबंधित हो।
- आवेदक बैंक ऋण चुकाने की पात्रता रखता हो।
- SHG, FPO व सहकारी समितियाँ वैध रूप से पंजीकृत हों।
Who is not eligible
- अन्य राज्यों के निवासी।
- जिनके पास मत्स्य-पालन हेतु उपयुक्त भूमि/जल-स्रोत या वैध दस्तावेज़ न हो।
- जो उसी मत्स्य घटक हेतु किसी अन्य सरकारी सब्सिडी का लाभ ले चुके हों।
Documents required
How to apply
- 1मत्स्य विभाग/आत्मनिर्भर योजना पोर्टल (meen.arunachal.gov.in) पर पंजीकरण कर खाता बनाएँ।
- 2प्रस्तावित गतिविधि (तालाब निर्माण/बीज-पालन/जलकृषि), भूमि व बैंक विवरण भरें।
- 3परियोजना लागत दर्ज कर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
- 4जिला मत्स्य विकास कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद ऋण व सब्सिडी स्वीकृत होती है।
Frequently asked questions
आत्मनिर्भर मत्स्य पालन योजना में कौन-सी गतिविधियाँ शामिल हैं?
मछली-तालाब निर्माण, मछली बीज-पालन (सीड रियरिंग) और जलकृषि (एक्वाकल्चर) जैसी गतिविधियाँ इसमें शामिल हैं।
इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
अरुणाचल प्रदेश के व्यक्तिगत मत्स्य-किसान, SHG, FPO और मत्स्य/जलकृषि से जुड़ी सहकारी समितियाँ इसका लाभ ले सकती हैं।
तालाब निर्माण पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
तालाब निर्माण/परियोजना लागत का 45% राज्य सब्सिडी, 45% बैंक ऋण और 10% लाभार्थी अंशदान के रूप में होता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.