Overview
दुग्ध प्रोत्साहन योजना असम सरकार के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग (दुग्ध विकास निदेशालय) की एक पहल है, जिसके तहत संगठित क्षेत्र के डेयरी किसानों को ₹5 प्रति लीटर की प्रत्यक्ष सब्सिडी दी जाती है। यह सहायता प्रत्येक किसान को अधिकतम लगभग 900 लीटर प्रति माह (~30 लीटर प्रति दिन) तक की आपूर्ति पर मिलती है और सीधे DBT के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका उद्देश्य राज्य में स्थानीय दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करना और डेयरी क्षेत्र को औपचारिक रूप देना है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक असम का डेयरी किसान हो।
- आवेदक किसी पंजीकृत दुग्ध सहकारी समिति/FPO का सदस्य हो।
- दूध की आपूर्ति सहकारी समिति/FPO के माध्यम से निर्धारित दुग्ध प्रसंस्करण इकाई को की जाती हो।
Who is not eligible
- गैर-पंजीकृत आपूर्तिकर्ता/किसान।
- सब्सिडी हेतु निर्धारित मासिक सीमा से अधिक मात्रा।
Documents required
How to apply
- 1किसी पंजीकृत दुग्ध सहकारी समिति/FPO के सदस्य बनें।
- 2समिति के माध्यम से निर्धारित दुग्ध प्रसंस्करण इकाई को नियमित रूप से दूध आपूर्ति करें।
- 3आपूर्ति की गई मात्रा के आधार पर सब्सिडी हर माह DBT से आपके बैंक खाते में जमा होती है।
Frequently asked questions
दुग्ध प्रोत्साहन योजना में प्रति लीटर कितनी सब्सिडी मिलती है?
पात्र डेयरी किसानों को ₹5 प्रति लीटर की सब्सिडी मिलती है, जो सीधे DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।
एक किसान को अधिकतम कितनी मात्रा पर सब्सिडी मिलती है?
प्रति किसान अधिकतम लगभग 900 लीटर प्रति माह (लगभग 30 लीटर प्रति दिन) तक की आपूर्ति पर सब्सिडी दी जाती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए क्या आवश्यक है?
किसान को किसी पंजीकृत दुग्ध सहकारी समिति या FPO के माध्यम से निर्धारित प्रसंस्करण इकाई को दूध की आपूर्ति करनी होती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.