Overview
बिहार देशी गोपालन प्रोत्साहन योजना गव्य विकास निदेशालय द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य राज्य में स्वदेशी नस्ल की गायों — विशेषकर साहीवाल, गिर और थारपारकर — के पालन को बढ़ावा देना तथा शुद्ध एवं पौष्टिक दूध का उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत 2 गायों से लेकर बड़ी इकाई तक की स्थापना पर श्रेणी के अनुसार अनुदान दिया जाता है, जिससे पशुपालकों को स्वरोजगार और बेहतर आय का अवसर मिलता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो
- स्वदेशी नस्ल (साहीवाल/गिर/थारपारकर) की गायों के पालन का इच्छुक हो
- गाय पालन हेतु पर्याप्त भूमि/शेड की व्यवस्था हो
- गव्य विकास पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया हो
Who is not eligible
- बिहार के बाहर के निवासी पात्र नहीं हैं
- गैर-स्वदेशी अथवा संकर नस्ल की गायों की इकाई इस योजना के अंतर्गत नहीं आती
Documents required
How to apply
- 1गव्य विकास निदेशालय के पोर्टल dairy.bihar.gov.in पर जाएँ
- 2देशी गोपालन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करें
- 3मांगे गए दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा करें
- 4आवेदन की पावती/रसीद भविष्य के लिए सुरक्षित रखें
Frequently asked questions
किन नस्ल की गायों पर यह अनुदान मिलता है?
साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जाता है।
2 गायों की इकाई पर अधिकतम कितना अनुदान मिल सकता है?
आरक्षित श्रेणी के लाभार्थियों को 2 गायों की इकाई पर 75% तक अनुदान (अधिकतम लगभग ₹1,30,500) मिल सकता है, जबकि अन्य को लगभग 50%।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.