Overview
इस योजना के तहत राज्य के सरकारी जलाशयों में केज (पिंजरा) एवं पेन आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाता है। मछुआरों एवं मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को केज/पेन निर्माण, मत्स्य बीज संचयन तथा फीड पर अनुदान दिया जाता है और साथ ही केज-फार्मिंग का प्रशिक्षण भी कराया जाता है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को अधिकतम सहायता दी जाती है, जिससे जलाशयों की उत्पादकता बढ़े और मछुआरों की आय में वृद्धि हो।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
- संबंधित जलाशय से जुड़ा मछुआरा, व्यक्ति या मत्स्यजीवी सहकारी समिति हो।
- जलाशय में केज/पेन स्थापित करने हेतु विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त हो।
- आवेदक का मत्स्य पालन में कार्य अथवा रुचि होनी चाहिए।
Who is not eligible
- वैसे आवेदक जिन्होंने उसी इकाई के लिए पहले से किसी सरकारी योजना से अनुदान प्राप्त किया हो, पुनः पात्र नहीं होंगे।
Documents required
How to apply
- 1जिला मत्स्य कार्यालय अथवा विभाग के पोर्टल पर आवेदन प्राप्त करें।
- 2आवश्यक दस्तावेजों के साथ जलाशय एवं इकाई का विवरण भरकर आवेदन जमा करें।
- 3स्थल सत्यापन एवं चयन के बाद स्वीकृत अनुदान DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजा जाता है।
Frequently asked questions
इस योजना में कितना अनुदान मिलता है?
केज/पेन निर्माण, मत्स्य बीज संचयन एवं फीड पर 60% से 70% तक अनुदान दिया जाता है, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति लाभुकों को अधिकतम सहायता मिलती है।
क्या इसमें प्रशिक्षण भी दिया जाता है?
हाँ, चयनित लाभुकों को केज-फार्मिंग का प्रशिक्षण भी कराया जाता है ताकि वे आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन कर सकें।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.