Overview
राज्य में कई पुराने निजी तालाब गाद, जलकुंभी एवं टूट-फूट के कारण मत्स्य पालन के योग्य नहीं रह जाते। इस योजना के तहत निजी तालाब स्वामियों को अपने पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए अनुदान दिया जाता है, ताकि तालाब पुनः उपयोगी बनकर मत्स्य उत्पादन बढ़ा सके। सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50% तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के लाभुकों को 70% तक अनुदान देय है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
- आवेदक के नाम पर निजी तालाब का स्वामित्व हो।
- तालाब का पिछले 5 वर्षों में किसी सरकारी योजना से जीर्णोद्धार न हुआ हो।
- तालाब जीर्णोद्धार एवं मत्स्य पालन के योग्य स्थिति में हो।
Who is not eligible
- ऐसे तालाब जिनका पिछले 5 वर्ष में किसी सरकारी योजना से जीर्णोद्धार हो चुका है, पात्र नहीं होंगे।
- किराये अथवा लीज पर लिए गए तालाब इस योजना के अंतर्गत नहीं आते।
Documents required
How to apply
- 1विभाग के पोर्टल अथवा जिला मत्स्य कार्यालय से आवेदन प्राप्त करें।
- 2तालाब के स्वामित्व अभिलेख एवं अन्य दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें।
- 3स्थल सत्यापन एवं चयन के बाद जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने पर अनुदान DBT से खाते में भेजा जाता है।
Frequently asked questions
अनुदान की दर क्या है?
सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50% तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के लाभुकों को 70% तक अनुदान मिलता है।
क्या हाल ही में जीर्णोद्धारित तालाब पात्र हैं?
नहीं, यदि तालाब का पिछले 5 वर्षों में किसी सरकारी योजना से जीर्णोद्धार हो चुका है तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.