Overview
बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों को सूकर पालन के माध्यम से स्वरोजगार एवं आय का स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल की 3 सूकर (2 मादा एवं 1 नर) की इकाई पर 90% अनुदान दिया जाता है। इकाई की लागत लगभग ₹21,060 (बीमा सहित) है, जिसमें लाभार्थी का अंशदान मात्र 10% यानी लगभग ₹2,106 होता है। इसके अतिरिक्त ₹300 की प्रशिक्षण सहायता भी दी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो
- आवेदक केवल अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो
- आवेदक किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ न ले रहा हो
- लाभार्थी 10% अंशदान (लगभग ₹2,106) वहन करने में सक्षम हो
Who is not eligible
- सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदक इस योजना में पात्र नहीं हैं
- किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ ले रहे आवेदक पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें
- 2जाति एवं आवासीय प्रमाण सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- 3चयन के बाद इकाई स्थापित कर 90% अनुदान का लाभ प्राप्त करें
Frequently asked questions
इस योजना में लाभार्थी को कितना अंशदान देना होता है?
इकाई की कुल लागत लगभग ₹21,060 है, जिसमें 90% अनुदान सरकार देती है और लाभार्थी को मात्र 10% यानी लगभग ₹2,106 का अंशदान देना होता है।
क्या इस योजना का लाभ सभी वर्ग ले सकते हैं?
नहीं, यह योजना केवल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के बिहार निवासियों के लिए है, जो किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं ले रहे हों।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.