Overview
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना महाराष्ट्र के दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करना है। दिसंबर 2025 के शासन निर्णय द्वारा अनुदान राशि बढ़ाई गई है — यदि वर या वधू में से कोई एक दिव्यांग है तो ₹1,50,000 तथा यदि दोनों दिव्यांग हैं तो ₹2,50,000 का प्रोत्साहन अनुदान संयुक्त बैंक खाते में DBT के माध्यम से दिया जाता है। अनुदान का एक निर्धारित हिस्सा राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा (FD) के रूप में रखना अनिवार्य है।
Who it's for
Eligibility
- वर या वधू में से कम से कम एक को 40% या अधिक दिव्यांगता होनी चाहिए
- दोनों के लिए यह प्रथम विवाह होना चाहिए
- विवाह का उप-निबंधक कार्यालय में कानूनी पंजीकरण आवश्यक
- विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य
- कम से कम एक साथी महाराष्ट्र का निवासी हो
- अनुदान का निर्धारित हिस्सा सावधि जमा (FD) के रूप में रखना अनिवार्य
Documents required
How to apply
- 1जिला दिव्यांग सक्षमीकरण अधिकारी/जिला परिषद/समाज कल्याण कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें
- 2आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन पत्र भरें (विवाह के एक वर्ष के भीतर)
- 3जिला दिव्यांग सक्षमीकरण अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा करें
- 4सत्यापन एवं चयन समिति की मंजूरी के बाद अनुदान संयुक्त खाते में DBT से जमा होता है
Frequently asked questions
यदि वर और वधू दोनों दिव्यांग हों तो कितना अनुदान मिलता है?
दिसंबर 2025 के शासन निर्णय के अनुसार दोनों साथी दिव्यांग होने पर ₹2,50,000 तथा केवल एक साथी दिव्यांग होने पर ₹1,50,000 का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाता है।
आवेदन कब तक करना होता है?
विवाह के कानूनी पंजीकरण की तिथि से एक वर्ष के भीतर जिला दिव्यांग सक्षमीकरण अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना आवश्यक है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.