Overview
गौशाला विकास योजना राजस्थान सरकार के गोपालन निदेशालय (पशुपालन विभाग) द्वारा संचालित जनसहभागिता आधारित योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य की पंजीकृत पात्र गौशालाओं में गौवंश के संरक्षण हेतु स्थायी आधारभूत परिसंपत्तियों (शेड, चारदीवारी, तारबंदी, पानी की खेली आदि) का निर्माण कराना है। योजना के अंतर्गत ऐसी गौशालाएँ जिनके पास स्वयं की अथवा सक्षम स्तर से स्वीकृत न्यूनतम 20 वर्ष की लीज की भूमि उपलब्ध है तथा जो लगातार पिछले 2 वर्षों से कम से कम 100 गौवंश का संधारण कर रही हैं, उन्हें निर्माण कार्य हेतु अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसमें 90 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा तथा 10 प्रतिशत राशि संबंधित गौशाला द्वारा वहन की जाती है। निर्माण कार्य गौशाला द्वारा चयनित कार्यकारी संस्था (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, नगर पालिका, नगर परिषद, कृषि विपणन बोर्ड आदि) के माध्यम से कराया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- गौशाला राजस्थान गौशाला अधिनियम, 1960 अथवा राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के अंतर्गत पंजीकृत हो।
- गौशाला के पास स्वयं के स्वामित्व की भूमि अथवा सक्षम स्तर से स्वीकृत न्यूनतम 20 वर्ष की लीज की भूमि उपलब्ध हो।
- गौशाला द्वारा कम से कम 100 गौवंश का संधारण लगातार पिछले 2 वर्षों से किया जा रहा हो।
- गौशाला के विरुद्ध कोई वित्तीय अनियमितता या गबन का प्रकरण विचाराधीन न हो।
- निर्माण कार्य गौशाला में नवीन आधारभूत परिसंपत्तियों के सृजन हेतु प्रस्तावित हो; गौवंश संख्या के अनुसार उपलब्ध ढाँचा अपर्याप्त होने पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त निर्माण हेतु भी पात्रता।
- आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन हेतु स्वयं के संसाधन विकसित करने को वचनबद्ध तथा सूचना साझा करने व सहयोग करने को तैयार गौशालाएँ।
- विशेष परिस्थितियों में जिला स्तरीय गौशाला समिति द्वारा अनुशंसित/अनुमोदित संस्थाएँ भी पात्र।
Who is not eligible
- ऐसी गौशालाएँ जिनके विरुद्ध वित्तीय अनियमितता या गबन का प्रकरण विचाराधीन हो।
- ऐसी गौशालाएँ जिनके पास स्वयं की या सक्षम स्तर से स्वीकृत न्यूनतम 20 वर्ष की लीज की भूमि उपलब्ध न हो।
- ऐसी गौशालाएँ जिनमें योजना के अंतर्गत अपेक्षित आधारभूत ढाँचा पहले से निर्मित है तथा गौवंश संख्या के अनुरूप पर्याप्त है।
Documents required
How to apply
- 1राजस्थान SSO आईडी बनाकर लॉगिन करें अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर संपर्क करें।
- 2गोपालन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल https://gopalanapp.rajasthan.gov.in पर जाकर 'गौशाला विकास योजना' का चयन करें।
- 3आवेदन प्रपत्र में गौशाला, भूमि, गौवंश संख्या एवं बैंक खाते का विवरण भरें।
- 4आवश्यक दस्तावेज (पंजीयन प्रमाण-पत्र, भूमि दस्तावेज, अनुमोदित तकमीना, कार्यकारी एजेंसी का स्वीकृति पत्र, 10% अंशदान का डीडी आदि) अपलोड करें।
- 5आवेदन संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग (जिला) के माध्यम से गोपालन निदेशालय, जयपुर को प्रस्तुत होता है; भौतिक सत्यापन के उपरांत स्वीकृति एवं अनुदान राशि जारी की जाती है।
Frequently asked questions
गौशाला विकास योजना क्या है?
यह राजस्थान सरकार के गोपालन निदेशालय की जनसहभागिता आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत पात्र गौशालाओं को स्थायी आधारभूत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता दी जाती है।
योजना में अधिकतम कितनी सहायता मिलती है?
स्थायी आधारभूत ढाँचे के निर्माण हेतु अधिकतम ₹10 लाख की सहायता दी जाती है, जिसमें 90 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है तथा 10 प्रतिशत राशि संबंधित गौशाला को स्वयं वहन करनी होती है।
कौन-सी गौशालाएँ इस योजना के लिए पात्र हैं?
ऐसी पंजीकृत गौशालाएँ जिनके पास स्वयं की या न्यूनतम 20 वर्ष की लीज की भूमि हो, जो पिछले 2 वर्षों से लगातार कम से कम 100 गौवंश का संधारण कर रही हों और जिनके विरुद्ध कोई वित्तीय अनियमितता का प्रकरण विचाराधीन न हो।
आवेदन कैसे करें?
गोपालन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (gopalanapp.rajasthan.gov.in) पर SSO आईडी अथवा ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
योजना कब प्रारंभ की गई थी?
यह योजना 26 दिसंबर 2019 को राजस्थान सरकार के पशुपालन/गोपालन विभाग द्वारा प्रारंभ की गई थी।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.