Overview
कर्नाटक मत्स्य डीजल सब्सिडी योजना मत्स्य विभाग द्वारा तटीय मछुआरों के लिए संचालित है। इसके अंतर्गत पंजीकृत समुद्री मत्स्य नौकाओं द्वारा उपयोग किए गए हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर लगने वाले बिक्री-कर/VAT की प्रतिपूर्ति की जाती है। प्रति नौका प्रति वर्ष अधिकतम 90,000 लीटर डीजल तक की सीमा में यह प्रतिपूर्ति DBT के माध्यम से सीधे मछुआरों के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे मत्स्य नौकाओं की परिचालन लागत घटती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक कर्नाटक तट (दक्षिण कन्नड़/उडुपी/उत्तर कन्नड़) का निवासी हो
- मत्स्य नौका मत्स्य विभाग में पंजीकृत होनी चाहिए
- नौका समुद्री मत्स्य पालन में सक्रिय रूप से संलग्न हो
- प्रतिपूर्ति प्रति नौका अधिकतम 90,000 लीटर डीजल प्रति वर्ष तक सीमित
Who is not eligible
- अपंजीकृत मत्स्य नौकाएं
- निर्धारित 90,000 लीटर प्रति वर्ष सीमा से अधिक की मात्रा
Documents required
How to apply
- 1अपनी मत्स्य नौका को मत्स्य विभाग में पंजीकृत कराएं
- 2आधार, बैंक खाता एवं डीजल खरीद रिकॉर्ड सहित जिला मत्स्य कार्यालय/मत्स्य सहकारी समिति में दावा प्रस्तुत करें
- 3सत्यापन के बाद कर/VAT प्रतिपूर्ति DBT द्वारा बैंक खाते में जमा होगी
Frequently asked questions
प्रति नौका कितने डीजल पर प्रतिपूर्ति मिलती है?
प्रति पंजीकृत मत्स्य नौका को प्रति वर्ष अधिकतम 90,000 लीटर हाई-स्पीड डीजल पर बिक्री-कर/VAT की प्रतिपूर्ति DBT के माध्यम से दी जाती है।
योजना का लाभ कौन ले सकता है?
कर्नाटक तट (दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़) के पंजीकृत समुद्री मत्स्य नौका स्वामी इस डीजल सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.