Overview
मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसका उद्देश्य मीटर्ड कृषि बिजली कनेक्शन धारक किसानों को बिजली बिल में राहत देना है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को बिजली बिल पर प्रति माह ₹1,000 तक (अधिकतम ₹12,000 प्रति वर्ष) का अनुदान दिया जाता है। बिल का लगभग 60 प्रतिशत भाग (अधिकतम ₹1,000 प्रति माह की सीमा में) राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यदि किसी किसान का बिल ₹1,000 से कम आता है, तो अंतर की शेष राशि सीधे उसके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है। यह योजना मई 2021 से लागू है और राज्य के लगभग 11 लाख किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- किसान के नाम पर चालू मीटर्ड कृषि बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
- बिजली बिल द्विमासिक (दो माह में एक बार) प्रणाली से जारी होते हैं और अनुदान आनुपातिक रूप से देय होता है।
- अनुदान का लाभ तभी देय है जब उपभोक्ता पर डिस्कॉम का कोई बकाया न हो; बकाया चुकाने के बाद आगामी बिलों पर अनुदान मिलेगा।
- किसान का आधार एवं बैंक खाता योजना से जुड़ा होना चाहिए।
Who is not eligible
- केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी।
- आयकर दाता (इनकम टैक्स देने वाले) किसान।
- गैर-कृषि (घरेलू/व्यावसायिक) श्रेणी के बिजली कनेक्शन धारक।
Documents required
How to apply
- 1योजना का लाभ लेने हेतु अपने कृषि बिजली कनेक्शन से आधार एवं बैंक खाता जुड़वाएँ।
- 2नजदीकी डिस्कॉम (विद्युत वितरण निगम) कार्यालय में आधार एवं बैंक खाता विवरण उपलब्ध कराएँ।
- 3पात्र उपभोक्ताओं को द्विमासिक बिल के आधार पर अनुदान स्वतः समायोजित किया जाता है।
- 4बिल ₹1,000 प्रति माह से कम होने पर अंतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाती है।
- 5अधिक जानकारी हेतु डिस्कॉम कार्यालय या हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।
Frequently asked questions
किसान मित्र ऊर्जा योजना में कितना अनुदान मिलता है?
मीटर्ड कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर प्रति माह ₹1,000 तक, अर्थात अधिकतम ₹12,000 प्रति वर्ष का अनुदान दिया जाता है।
क्या सरकारी कर्मचारी इस योजना के पात्र हैं?
नहीं, केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी तथा आयकर दाता किसान इस योजना के लाभ के पात्र नहीं हैं।
यदि बिजली बिल ₹1,000 से कम हो तो क्या होता है?
यदि किसान का बिल ₹1,000 प्रति माह से कम आता है, तो वास्तविक बिल और अनुदान राशि के बीच का अंतर सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.