Overview
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसके अंतर्गत खेती-किसानी अथवा किसी भी दुर्घटना में किसान की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें खातेदार/सह-खातेदार किसानों के साथ बटाईदार तथा भूमिहीन कृषि कार्य करने वाले परिवार के सदस्य भी सम्मिलित हैं।
Who it's for
Eligibility
- मृतक/दिव्यांग किसान उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो तथा आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो।
- दुर्घटना में मृत्यु अथवा निर्धारित स्तर की स्थायी दिव्यांगता हुई हो।
- खातेदार/सह-खातेदार किसान अथवा बटाईदार/भूमिहीन कृषि कार्य पर आश्रित परिवार।
- आवेदन दुर्घटना की तिथि से 45 दिन के भीतर किया जाए (जिलाधिकारी द्वारा अधिकतम 75 दिन तक विशेष परिस्थिति में स्वीकार्य)।
Who is not eligible
- 70 वर्ष से अधिक अथवा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति।
- दुर्घटना के 75 दिन बाद प्राप्त आवेदन।
Documents required
How to apply
- 1निर्धारित प्रारूप में आवेदन दुर्घटना की तिथि से 45 दिन के भीतर तहसील/उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा करें।
- 2ऑनलाइन सेवा हेतु edistrict.up.gov.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
- 3तहसील स्तर पर जांच एवं सत्यापन के बाद जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृति दी जाती है।
- 4स्वीकृत सहायता राशि आश्रित/किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
Frequently asked questions
इस योजना में कितनी सहायता मिलती है?
दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर ₹5 लाख, 50% से अधिक दिव्यांगता पर ₹2.5 लाख तथा 25%–50% दिव्यांगता पर ₹1.75 लाख की सहायता दी जाती है।
आवेदन की समय-सीमा क्या है?
दुर्घटना की तिथि से 45 दिन के भीतर आवेदन करना होता है; विशेष परिस्थिति में जिलाधिकारी द्वारा अधिकतम 75 दिन तक का समय दिया जा सकता है।
क्या भूमिहीन कृषि श्रमिक भी पात्र हैं?
हां, खातेदार/सह-खातेदार किसानों के साथ बटाईदार एवं कृषि कार्य पर आश्रित भूमिहीन परिवार के सदस्य भी पात्र हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.