Overview
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की प्रमुख फसल बीमा योजना है, जो 2016 के खरीफ मौसम से लागू है। इसमें किसान बीमित राशि का बहुत छोटा हिस्सा — खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 2%, रबी खाद्यान्न व तिलहन फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% — प्रीमियम के रूप में देते हैं; शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं (पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10 अनुपात में)। योजना बुवाई से कटाई के बाद तक — बुवाई न हो पाने, खड़ी फसल के नुकसान, कटाई के बाद 14 दिनों तक के नुकसान और ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव जैसी स्थानीय आपदाओं — को कवर करती है। खरीफ 2020 से यह योजना सभी किसानों (ऋणी सहित) के लिए स्वैच्छिक है।
Who it's for
Eligibility
- किसान अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल की खेती करता हो
- फसल में बीमा योग्य हित (स्वयं की, बटाई या पट्टे की भूमि) होना चाहिए
- बटाईदार/किरायेदार किसानों को भूमि व बुवाई से संबंधित वैध दस्तावेज़ देने होंगे
- मौसम की कट-ऑफ तिथि से पहले नामांकन कराना अनिवार्य है
- खरीफ 2020 से योजना स्वैच्छिक है — ऋणी किसान भी चाहें तो बाहर रह सकते हैं
Who is not eligible
- युद्ध व परमाणु जोखिम से हुए नुकसान कवर नहीं होते
- दुर्भावनापूर्ण क्षति और रोकी जा सकने वाली (निवारण योग्य) हानि कवर नहीं होती
- अधिसूचित क्षेत्र से बाहर या गैर-अधिसूचित फसल उगाने वाले किसान पात्र नहीं
- कट-ऑफ तिथि के बाद किए गए आवेदन स्वीकार नहीं होते
Documents required
How to apply
- 1pmfby.gov.in पोर्टल पर 'Farmer Corner' खोलें और मोबाइल नंबर से किसान के रूप में पंजीकरण/लॉगिन करें।
- 2राज्य, जिला, मौसम (खरीफ/रबी) और अधिसूचित फसल चुनकर आवेदन फॉर्म भरें।
- 3आधार, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड और बुवाई घोषणा की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- 4अपने हिस्से का प्रीमियम ऑनलाइन जमा करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- 5चाहें तो नजदीकी बैंक शाखा, सहकारी समिति (PACS), CSC केंद्र या अधिकृत बीमा मध्यस्थ के माध्यम से भी कट-ऑफ तिथि से पहले नामांकन कराएँ।
- 6फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, पोर्टल या किसान रक्षक हेल्पलाइन 14447 पर सूचना दें।
Frequently asked questions
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
किसान को बीमित राशि का अधिकतम 2% (खरीफ फसलें), 1.5% (रबी खाद्यान्न व तिलहन) और 5% (वाणिज्यिक/बागवानी फसलें) ही देना होता है। शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें 50:50 (पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10) के अनुपात में वहन करती हैं।
क्या यह योजना सभी किसानों के लिए अनिवार्य है?
नहीं। खरीफ 2020 से योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। फसल ऋण/केसीसी लेने वाले किसान भी निर्धारित समय में विकल्प देकर योजना से बाहर रह सकते हैं।
फसल खराब होने पर सूचना कैसे और कब तक देनी होती है?
स्थानीय आपदा (ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन) या कटाई के बाद नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, pmfby.gov.in पोर्टल, किसान रक्षक हेल्पलाइन 14447 या नजदीकी CSC के माध्यम से सूचना देना आवश्यक है।
क्या बटाईदार या किरायेदार किसान भी बीमा करा सकते हैं?
हाँ। अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले बटाईदार और किरायेदार किसान भी पात्र हैं, बशर्ते वे भूमि और बुवाई से जुड़े वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत करें।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.