State Scheme🌾 Agriculture & Farming

Rajiv Gandhi Krishak Sathi Sahayata Yojana (Rajasthan)

मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना (पूर्व नाम: राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना), राजस्थान

Verified · Updated 28 Jun 2026Apply on official siteShare
Benefit
दुर्घटना में मृत्यु पर ₹2,00,000; अंग-भंग/स्थायी अपंगता पर गंभीरता के अनुसार ₹5,000 से ₹2,00,000 तक (एकमुश्त, चेक द्वारा)
Applies to
Rajasthan
Application
Always open
Launched
2009

Overview

राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना राजस्थान सरकार की एक दुर्घटना सहायता योजना है, जिसका संचालन कृषि विपणन निदेशालय (राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड) द्वारा कृषि उपज मण्डी समितियों के माध्यम से किया जाता है। यह योजना मूल रूप से 30 अगस्त 1994 को 'कृषक साथी योजना' के रूप में शुरू हुई, 22 दिसम्बर 2004 से 'किसान जीवन कल्याण योजना' तथा 9 दिसम्बर 2009 के आदेश से 'राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना' के रूप में संचालित हुई। 13 नवंबर 2024 से राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' कर दिया है तथा सहायता राशि में वृद्धि की है; योजना यथावत सक्रिय है। योजना के तहत राज्य के किसानों, खेतिहर मजदूरों तथा मण्डी के लाइसेंसशुदा हम्माल/पल्लेदार को कृषि कार्य करते समय अथवा मण्डी प्रांगण में विपणन कार्य करते समय — एवं गाँव से मण्डी तक उपज ले जाते/विक्रय के अगले दिन तक लौटते समय — हुई दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग होने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। दुर्घटना की गंभीरता के अनुसार ₹5,000 से ₹2,00,000 तक की एकमुश्त सहायता चेक के माध्यम से दी जाती है, जिसमें मृत्यु पर ₹2,00,000 की सहायता शामिल है।

Who it's for

राजस्थान के किसान/कृषकखेतिहर (कृषि) मजदूरकृषि उपज मण्डी के लाइसेंसशुदा हम्मालमण्डी के पल्लेदार/तुलाई-कांटा मजदूर14 से 75 वर्ष आयु के पात्र व्यक्तिमृत्यु की दशा में मृतक के आश्रित/परिजन

Eligibility

  • आवेदक राजस्थान का किसान/खेतिहर मजदूर अथवा कृषि उपज मण्डी समिति का लाइसेंसशुदा हम्माल/पल्लेदार हो।
  • मृतक/घायल की आयु दुर्घटना के समय 14 से 75 वर्ष के बीच हो।
  • दुर्घटना कृषि कार्य करते समय अथवा मण्डी प्रांगण में विपणन कार्य के दौरान, या गाँव से मण्डी तक उपज ले जाते/विक्रय के अगले दिन तक लौटते समय हुई हो।
  • कवर की गई दुर्घटनाएँ: कृषि यंत्र (थ्रेशर/ट्रैक्टर आदि) से दुर्घटना, कुआँ खुदाई या ऊँचाई/पेड़ से गिरना, करंट लगना, कीटनाशक छिड़काव से विषाक्तता, साँप/जहरीले जानवर का काटना, बिजली गिरना, डूबना तथा मण्डी आवागमन के दौरान सड़क दुर्घटना आदि।
  • मृत्यु या अंग-भंग/स्थायी अपंगता दुर्घटना के परिणामस्वरूप हुई हो।

Who is not eligible

  • प्राकृतिक मृत्यु अथवा बीमारी से हुई मृत्यु/अपंगता।
  • आत्महत्या या स्वयं को जानबूझकर पहुँचाई गई चोट।
  • नशे (शराब/मादक पदार्थ) की हालत में हुई दुर्घटना।
  • गर्भावस्था/प्रसव संबंधी जटिलताओं से हुई हानि।
  • युद्ध, आतंकी घटना अथवा परमाणु विकिरण से हुई हानि।
  • बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाने या मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन से हुई दुर्घटना।
  • किसी आपराधिक/गैर-कानूनी कृत्य के दौरान हुई दुर्घटना।
  • निर्धारित समय-सीमा के बाद प्रस्तुत आवेदन।

Documents required

जन आधार कार्ड (अथवा भामाशाह कार्ड)
आवेदक/मृतक का आधार कार्ड
मृत्यु की दशा में: एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं मृत्यु प्रमाण पत्र
अंग-भंग/अपंगता की दशा में: अधिकृत राजकीय चिकित्सक/मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चोट/विकलांगता प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की प्रति (खाता विवरण सहित)
हम्माल/पल्लेदार हेतु मण्डी समिति का लाइसेंस
पासपोर्ट साइज फोटो

How to apply

  1. 1दुर्घटना/मृत्यु के बाद निर्धारित आवेदन प्रपत्र संबंधित कृषि उपज मण्डी समिति कार्यालय से प्राप्त करें।
  2. 2प्रपत्र में किसान/मृतक एवं दुर्घटना का पूरा विवरण भरें तथा सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  3. 3ऑफलाइन: भरा हुआ आवेदन संबंधित कृषि उपज मण्डी समिति में जमा करें।
  4. 4ऑनलाइन: राज किसान साथी पोर्टल (rajkisan.rajasthan.gov.in) पर जन आधार से लॉगिन कर आवेदन भरें एवं दस्तावेज अपलोड करें।
  5. 5आवेदन दुर्घटना/मृत्यु की तिथि से सामान्यतः 6 माह के भीतर प्रस्तुत करें।
  6. 6मण्डी समिति/निदेशालय द्वारा सत्यापन के बाद स्वीकृत सहायता राशि चेक के माध्यम से एकमुश्त प्रदान की जाती है।

Frequently asked questions

इस योजना के तहत मृत्यु होने पर कितनी सहायता मिलती है?

कृषि कार्य या मण्डी विपणन कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रित/परिजन को ₹2,00,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से दी जाती है।

क्या इस योजना का नाम बदल गया है?

हाँ। पूर्व में यह 'राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना' थी; 13 नवंबर 2024 से राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' कर दिया है। योजना यथावत संचालित है।

कौन-कौन इस योजना के लिए पात्र हैं?

राजस्थान के 14 से 75 वर्ष आयु के किसान, खेतिहर मजदूर तथा कृषि उपज मण्डी के लाइसेंसशुदा हम्माल/पल्लेदार, जिन्हें कृषि या मण्डी कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग हुआ हो।

आवेदन कब तक करना होता है?

दुर्घटना/मृत्यु की तिथि से सामान्यतः 6 माह के भीतर संबंधित कृषि उपज मण्डी समिति में आवेदन करना होता है।

अंग-भंग या स्थायी अपंगता पर कितनी राशि मिलती है?

चोट/अपंगता की गंभीरता के अनुसार ₹5,000 से ₹2,00,000 तक की सहायता दी जाती है — जैसे एक अँगुली कटने पर न्यूनतम तथा गंभीर स्थायी अपंगता/कोमा की दशा में अधिकतम राशि।

Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.

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