Overview
यह योजना किसानों को कृषि यंत्रीकरण से जोड़ती है, जिसमें ट्रैक्टर, पावर टिलर, धान ट्रांसप्लांटर एवं हार्वेस्टर जैसे उपकरणों की खरीद पर अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु, सीमांत एवं महिला किसानों को 50% सब्सिडी दी जाती है। इसके साथ ही कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना पर 40% सहायता उपलब्ध है, जिससे छोटे किसान किराये पर आधुनिक मशीनें प्राप्त कर सकें। इससे श्रम लागत घटती है, समय पर कृषि कार्य होता है और उत्पादकता बढ़ती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक तमिलनाडु का निवासी किसान अथवा FPO हो
- आवेदक के पास कृषि भूमि का स्वामित्व अथवा वैध पट्टा हो
- उच्च सब्सिडी हेतु अनुसूचित जाति/जनजाति/लघु/सीमांत/महिला श्रेणी का हो
- कस्टम हायरिंग केंद्र हेतु निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करता हो
Who is not eligible
- पूर्व में उसी यंत्र हेतु सब्सिडी प्राप्त कर चुके आवेदक
- गैर-कृषि प्रयोजन हेतु यंत्र उपयोग करने वाले व्यक्ति
Documents required
How to apply
- 1कृषि अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय अथवा पोर्टल पर आवेदन करें
- 2यंत्र/कस्टम हायरिंग केंद्र का चयन कर दस्तावेजों सहित आवेदन जमा करें
- 3विभाग द्वारा पात्रता सत्यापन एवं स्वीकृति कराएँ
- 4यंत्र खरीद के बाद सब्सिडी राशि खाते में प्राप्त करें
Frequently asked questions
यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु, सीमांत एवं महिला किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50% तक सब्सिडी मिलती है।
कस्टम हायरिंग केंद्र पर क्या सहायता है?
कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना पर 40% सहायता दी जाती है, जिससे छोटे किसान किराये पर आधुनिक मशीनें प्राप्त कर सकते हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.